A Mirror of Mine......
क्यों हवाएं इतनी सरसरा रही हैं, क्यों ये पेड़ों को डिगा रही हैं, क्यों ये पत्तों को गिरा रही हैं, क्या इन्हें भी तेरी याद आ रही हैं। .... अमिदित्या
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