Tuesday, 1 October 2019

तेरी याद आ रही है

क्यों हवाएं इतनी सरसरा रही हैं,
क्यों ये पेड़ों को डिगा रही हैं,
क्यों ये पत्तों को गिरा रही हैं,
क्या इन्हें भी तेरी याद आ रही हैं।
.... अमिदित्या

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