Thursday, 20 September 2012

तेरी वो तस्वीर मेरे पास ही रहने दे,



तेरी वो तस्वीर मेरे पास ही रहने दे,
जो एहसास -ए-आम हैं तेरे लिए, वो मेरा ख़ास ही रहने दे,
बस इतनी सी इल्तेज़ा हैं तुझसे
भले ही तू चली जा, पर तेरे होने  का ये एहसास ही रहने दे.

Saturday, 15 September 2012

Dil SE...


लिख कर कह देता हूँ हाल-ए-दिल अपना अमित,
अब कोई सुनता ही नहीं यहाँ मेरे बताने पर
बात कर लेता हूँ अब खुद से ही मैं
और समझने भी लगा हूँ अपने दिल के समझाने पर

Thursday, 13 September 2012

ये तो बस एक परछाई हैं...



ये घनघोर काली परछाई हैं
ये रात फिर चढ़ आई हैं
पर दिल तू चिंता न कर
ये तो बस एक परछाई हैं
कल जब चढ़ेगा सूरज तेज
और इस अंधियारे को भेद
किरण आएगी आंगन तेरे
पूरे होंगे सपने तेरे
तो अमित काहे की रुसवाई हैं
ये तो बस एक परछाई हैं...

Monday, 10 September 2012

DIL SE....


लम्हा मेरे कल का मेरे आज से टकराया हैं
उसमे कुछ बातों का कुछ यादों का कुछ जस्बातों  का साया हैं
ये दिल थोड़ा परेशां हैं थोड़ा घबराया हैं
पर कोई बात नहीं अमित, मेरा कल मुझे आज समझ आया हैं...

DIL SE...



कुछ जादू होता हैं इन रातों में
दिल सब कह देता हैं बातों बातों में
राज़ रखना चाहता हूँ अमित , हाल-ए-दिल मगर
कोई इख्तियार नहीं रहता हैं जस्बातों में