DIL SE.....
A Mirror of Mine......
Sunday, 24 October 2021
तेरे हर रंग, हर ढ़ंग से चाहत हैं
तेरे हर रंग, हर ढ़ंग से चाहत हैं,
उफ़ तेरी हर अदा आफ़त हैं,
कहा नहीं तुमसे, ये बात और हैं,
ख़ातिर तुम्हारे आज भी बग़ावत हैं
...... अमिदित्या
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