Wednesday, 25 January 2012

Dil Se...


वो खामोश सी नज़रे मेरी और क्यों है, मेरे अन्दर धडकनों का शोर क्यों है,
गर ये एहसास-ए-मुहब्बत है मेरे दिल में उसके लिए, तो अमित इंतजार-ए-इकरार  अब और क्यों है.

Tuesday, 24 January 2012

Dil Se...


तुझे खुद में पाने लगा हूँ  मैं, अपनी साँसों में गुनगुनाने लगा हूँ मैं,
कहने को तो किस्मत से मिले हो तुम, पर अब तुझ में ही अपनी तकदीर सजाने लगा हूँ मैं.

Tuesday, 10 January 2012

Dil Se



नंगे पैरों पर चलने सा हैं ये गर्म रेगिस्तान में,
पर ना चला तो क्या जिया है इस जहान में
गर लड़खड़ा कर गिरा भी तो आगे बढूँगा रेंग कर,
अमित मेरी कब्र भी ना रुक पायेगी किसी एक कब्रिस्तान में

Monday, 2 January 2012

Dil Se...


तड़प कर लिपट जाए मुझसे वो कभी, और कह दे मुझसे की कितनी मुहब्बत हैं
मेरी चाहत का एहसास उसे हो जाए अगर, फिर किसी और से इश्क ना कर पाएगी वो कभी ......