Tuesday, 21 February 2012

Dil se


मुझसे मोहब्बत थी तुम्हे ,
पर सुरूर मेरा भी कम न था.
वो इंतजार में थी की माफ़ी मांग लु मैं,
पर गुरुर मेरा भी कम न था.
गुनाहगार तो था मैं ये मानता हूँ,
 पर कुसूर तेरा भी कम न था .

Friday, 17 February 2012

Dil se........

मेरे दिल के दामन पर, कुछ फूल ख्वाब के बसते है,
मुकम्मल जहाँ पाने को मेरे संग यह भी तरसते है,
एहसासों की स्याही जाने क्या लिख आयी,
अब जाने क्यों इन आँखों से मोती खुशियों  के बरसते हैं.......

Thursday, 9 February 2012

DIL SE.

मुझे किताबों से परहेज़ होने लगा हैं अमित ,
अब तो आँखे ज्यादा पसंद आने लगी हैं.
थोड़ी तालीम-ए-इश्क मैं भी लैलू
आ मेरे करीब तो बैठ...........