मेरे दिल के दामन पर, कुछ फूल ख्वाब के बसते है,
मुकम्मल जहाँ पाने को मेरे संग यह भी तरसते है,
एहसासों की स्याही जाने क्या लिख आयी,
अब जाने क्यों इन आँखों से मोती खुशियों के बरसते हैं.......
मुकम्मल जहाँ पाने को मेरे संग यह भी तरसते है,
एहसासों की स्याही जाने क्या लिख आयी,
अब जाने क्यों इन आँखों से मोती खुशियों के बरसते हैं.......
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