DIL SE.....
A Mirror of Mine......
Wednesday, 21 September 2011
मैं जानता हूँ
मैं जानता हूँ तू ना मिलेगी मुझको
पर क्या मिल जाना ही सब कुछ होता हैं ?
मुझे तो पाने की राहत से ज़ादा , इंतजार में सुकून होता हैं........
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment