DIL SE.....
A Mirror of Mine......
Saturday, 17 March 2012
Dil Se..
चंद लम्हों कि है ज़िन्दगी पर कोई गम नहीं अमित .
इन लम्हों में भी कुछ एसा कर गुज़रू कि यह जहाँ मुझे याद रखे
भले ही मेरी याद में कोई मकबरा ना बने
बस एक फूल रोज़ मेरी कब्र के पास रखे..............
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