यही साल का अंत हैं और नए साल की शुरुआत भी,
कुछ किस्से ख़त्म हुए हैं यहाँ और कुछ नए फलसफों की बारात भी.
गुज़रा वक्त सिखा गया सीख नयी, कुछ समझे मुझे पर ना समझे कई.
ये साल, मैं उनके सामने था और वो मेरे, और यही सोचा करे की क्या गलत क्या सही.
कुछ तमन्ना लिए कहता अलविदा, कुछ अरमान लिए नये का आगाज़ करू
कुछ रुखी सी बीती तस्वीरों में नये उल्लास का रंग भरूँ,
हर लम्हा एक शुरुआत हैं हर एक पल एक सौगात हैं
नये नये से इस साल में नयी अब हर बात हैं
ऐ ख़ुदा इतनी ताकत दे मुझे हर पल होसला बुलंद रहे
इस नये साल में मेरा दिल यही कहे
इबादत ना कम रहे, पर मेरी हिम्मत में भी दम रहे
खुद पर भरोसा करे और उस ख़ुदा का करम रहे.............
Loved it !!!! awesome :)
ReplyDeletethanks anu
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