पुत्रों के ख़ातिर
जो हलाहल पीता हैं
वो पिता हैं
गुनाह हो जो भी
माफ़ करे हर ख़ता हैं
वो पिता हैं
खुद को भूल
बच्चों के लिए जीता हैं
वो पिता हैं
परिवार के पेट के लिए जिसका
भूखा दिन जिसका बीता हैं
वो पिता हैं
संतानो के लिए जो
हर जंग जीता हैं
वो पिता हैं
... अमिदित्या
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