Monday, 24 May 2021

छठी वैवाहिक वर्षगांठ

छह गुज़रे साठ बाक़ी हैं, 
कहने को कई बात बाक़ी हैं, 
समाया तो तुझमे हर कण हूँ, 
लगे फिर भी के मुलाकात बाक़ी हैं। 

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