A Mirror of Mine......
अब की बार तू मुझसा हो जा, भूल जा खुद को, मुझ में खो जा, ये जो लिपटी है उलझन कई सारी, उन्हे उतार फेक, करीब आ, और सो जा। ....................... अमित पंडित
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