कर रहा हैं दिल शरारते क्यों
आ रही हैं मुझे तेरी आहटें क्यों
बेक़रार हो रहा हैं अमित ये दिल मेरा
हर सांस में बढ़ रही हे तेरी चाहतें क्यों
प्रेम दिवस कि शुभकामनाये
आ रही हैं मुझे तेरी आहटें क्यों
बेक़रार हो रहा हैं अमित ये दिल मेरा
हर सांस में बढ़ रही हे तेरी चाहतें क्यों
प्रेम दिवस कि शुभकामनाये
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