Saturday, 1 October 2011

वो कहती हैं ............


अचानक ही वो सहम जाती हैं और पूछ लेती हैं मुझसे
तुम मुझे कभी छोड़ोगे तो नहीं..
और मैं कहता हूँ मेरी जान हो तुम,
अपनी जान के बिना कोई रह सकता हैं भला..

वो कहती हैं डर लगता हैं मुझे
तुम साथ न होंगे तो में क्या करुँगी
मैं कहता हूँ बड़ी ही खुदगर्ज़ हो तुम
कभी सोचा हैं की तुम न होगी तो मेरा क्या होगा....

मैं कहता हूँ की भरोसा कर , हम हमेशा रहेंगे  साथ
पाओगी हमेशा तुम अपने हाथो में मेरे हाथ

वो कहती हैं की उसे भरोसा हैं मुझ पर
बस अपनी किस्मत पर यकीं कम हैं..
मैं कहता हूँ यकीं कर हमारी किस्मत पर,
मेरे साथ तुम्हारी किस्मत अकेली नहीं

कुछ मिल जाने पर भी वो खुश ना होती हैं
कहती हैं तुम्हे ना मिला तो मुझे मिलने का क्या मतलब हैं
इतनी मोहब्बत हैं उसे मुझसे के सब पाने पर भी न होने का एहसास हैं उसे..........

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