A Mirror of Mine......
तुम्हारे एलान-ए-तरक्की से तरक्की आ जाए तो बात बने, इस चीख से दो वक़्त की रोटी मिल जाए तो बात बने, यूँ तो इश्तेहारौं से भरे पढ़े बाज़ार तुम्हारी योजनाओं के, किसी योजना को अमली जामा पहनाऔ तो बात बने।
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