Sunday, 17 June 2018

वरना सिहासन खाली करो देखो यह प्रजा आती है

तुमने जब यह बात कही
के सब गलत और मैं सही
पर तुम भूल गए
और तुमने देखा नहीं
4 साल पहले जो वादे किए थे
मैंने सुना था मैं था वही
सोचा तुमने कि कहना है कह दो
यह तो भोले हैं कोई याद रखेगा नहीं

पर मुझे याद है
जो सारी बात है
सब झूठ है
सब बकवास है
जो कहा था विकास है
वह दिख रहा विनाश है

पर
सच्चाई सामने आती है
प्रजा समझ जाती है
जो किया है वह दिख जाता है
खोखली बातें भरमाती हैं

विरोध के स्वर गूंज रहे
फिर भी आंखें मूंद रहे
क्या यही विकास है तुम्हारा
कि प्रजा की आंखों में बूंद रहे

संभल जाओ और  खींचो वो कदम
जो प्रजा को सताती है
वरना सिहासन खाली करो
देखो यह प्रजा आती है

   .........अमित अमिदित्या पंडित

No comments:

Post a Comment