Tuesday, 15 November 2011

संघर्ष ....

कभी संघर्ष कुछ पल ही हैं, कभी हर पल ही संघर्ष हैं,
कभी सघर्ष में जीना हैं, कभी जीना ही संघर्ष हैं.

जब बैसाखी हो हाथो में तो चलना एक संघर्ष हैं,
जब आँखों के सामने अँधेरा हो तो आगे बड़ना एक संघर्ष हैं.
कभी ICU में लेट खुदा को याद कर ,
एक एक सांस को लड़ना भी संघर्ष हैं.

इश्क को पाना भी संघर्ष हैं, इश्क को बचा पाना भी संघर्ष हैं,
गर टूट गया हो ये दिल तो, फिर यह जीवन बिताना भी संघर्ष हैं.

मेरी आरज़ू हमेशा से ही बड़ी हैं, उसके आगे अनेक समस्या खड़ी हैं,
उनसे लड़ना भीड़ना जूझना, कभी हार न मानना भी एक संघर्ष हैं.

ये संघर्ष अस्वाभाविक विचित्र हैं, इसके कई चरित्र हैं,
संघर्ष हैं विजय हो तो ख़ुशी भरपूर होती हैं,
गर ना मिले सफलता तो संघर्ष को जारी रखना भी एक संघर्ष हैं.......

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